ब्रह्माण्ड के चौदह भुवन – The fourteen realms of the universe.

ब्रह्माण्ड के चौदह भुवन – The fourteen realms of the universe.

तीन लोग चौदह भुवन, प्रेम कहूं ध्रुव नाहि।जगमग रह्यो जराव सौ, करोड़ श्री वृंदावन मांहि ।।अर्थ:- तीनों लोकों में तथा 14 भुवनों में कहीं पर भी सहज प्रेम की प्राप्ति नहीं होती है, जबकि वृंदावन प्रदेश में हीरे मोतियों की तरह जगमगाता हुआ प्रेम सहज रूप से प्राप्त हो जाता है।।यहां पर कवि ने तीन…

महर्षि वाल्मीकि संस्कृत साहित्य के आदिकवि माने जाते है
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महर्षि वाल्मीकि संस्कृत साहित्य के आदिकवि माने जाते है

वन्दे वाल्मीकिकोकिलम् महर्षि वाल्मीकि संस्कृत साहित्य के आदिकवि माने जाते है । इनका महाकाव्य हिन्दू संस्कृति और समाज का आधार स्तम्भ है । भारतीय परम्पराओं में वाल्मीकि विरचित रामायण को देवत्व का स्थान प्राप्त है । समय – समय पर इसका पारायण तथा पूजन किया जाता है । वाल्मीकि रामायण सनातन संस्कृति का प्रतीक है…

Sanskrit language and literature संस्कृतभाषा व साहित्य
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Sanskrit language and literature संस्कृतभाषा व साहित्य

संस्कृतभाषा प्राचीन काल से ही भारतीय शास्त्रपरम्परा की वाहिनी रही है । प्राचीन भारतीय ग्रन्थ संस्कृत के आश्रय से ही समृद्ध हुए हैं । भारतीय वेद. वेदांग, दर्शन, कला आदि समस्त साहित्यग्रन्थों को संस्कृत ने ही अपने अंक में स्थान दिया है । संस्कृतभाषा समस्त भारतीय भाषाओं में अग्रगण्य तथा जननी स्वरुपा है । अन्तर्राष्ट्रीय…

Hartalika Vrat a Scientific and Social Analysis of Indian Fasts and Traditions
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हरतालिका व्रत: भारतीय व्रत और परंपराओं का वैज्ञानिक व सामाजिक विश्लेषण

Hartalika Vrat Scientific and Social Analysis of Indian Fasts and Traditions भारतदेश अपनी संस्कृति और अपनी परम्पराओं के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है । कुछ लोग इन परम्पराओं को रुढी मानकर निभाते चले आ रहे है । किन्तु वस्तुतः इनके पीछे छिपे गूढ अर्थों को हम नहीं समझ पाते है । भारत की संस्कृत और…